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घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ के घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े-
घाव पर नीम का पेसà¥à¤Ÿ लगाया जा सकता है। नीम में फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होता है जो कोलेजन का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करता है, जिससे तà¥à¤µà¤šà¤¾ का लचीलापन बना रहता है और घाव जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤°à¤¤à¤¾ है। इसमें à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• और जलन विरोधी गà¥à¤£ होते हैं। इसका पेसà¥à¤Ÿ बनाने के लिठनीम का रस और हलà¥à¤¦à¥€ पावडर का उपयोग करें।
1. à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾
शायद आपने पहले à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सनबरà¥à¤¨,बालों के विकास और अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठकिया हो पर यह घाव के लिठà¤à¥€ लाà¤à¤•ारी माना जाता है। à¤à¤²à¥‹à¤µà¥‡à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ दोनों ही गà¥à¤£ होते हैं। यह तà¥à¤µà¤šà¤¾ के ऊतकों के उपचार को à¤à¥€ तेज कर सकता है।इसे लगाने से किसी पà¥à¤°à¤•ार के कट या छोटे घाव में आराम मिल सकता है।
2. शहद
शहद का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² हमारे घरों में कई चीज़ों में किया जाता है। यह ना सà¥à¤°à¤¿à¤« पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक मिठास का सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚त है बलà¥à¤•ि संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोकने के लिठमामूली घावों को ठीक करने में मदद कर सकता है। कà¥à¤› पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ चिकितà¥à¤¸à¤¾ पदà¥à¤§à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में इसे पटà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और अनà¥à¤¯ तà¥à¤µà¤šà¤¾ डà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤‚ग के विकलà¥à¤ª के रूप में à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है।
3. लैवेंडर का तेल
जानकार मानते हैं कि लैवेंडर का तेल किसी पà¥à¤°à¤•ार के घाव या चोट को ठीक करने के गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से लैस होता है।लैवेंडर का à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल चोट के लिठकाफी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ माना जाता है और घाव को तेजी से à¤à¤° सकता है।इसमें à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टी फंगल गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं। इसके à¤à¤¸à¥‡à¤‚शियल ऑयल को इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के लिठनारियल तेल या किसी और वाहर तेल में मिला लें ।आप इसे जोजोबा, जैतून या बादाम के तेल में à¤à¥€ मिला सकते हैं।
4. गेंदे का फूल
गेंदे का फूल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ परंपरा में काफी महà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ माना जाता है।यही वजह है कि हर शà¥à¤ मौके पर इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सजावट और पूजा के लिठकिया जाता है। इतना लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ होने के कारण ये हर जगह आसानी से उपलबà¥à¤§ à¤à¥€ हो जाता है। मैरीगोलà¥à¤¡ यानी गेंदे में कोलेजन को बढ़ाने के अलावा à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं।
मैरीगोलà¥à¤¡ मलहम में मिलाकर लगाया जा सकता है या आप घाव पर इसका पेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ लगा सकते हैं।
5. हलà¥à¤¦à¥€ का पेसà¥à¤Ÿ
हलà¥à¤¦à¥€ तो हमारी रसोई में अधिकतर वà¥à¤¯à¤‚जनों में उपयोग की जाती है।
हलà¥à¤¦à¥€ में करकà¥à¤¯à¥‚मिन नामक à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ घटक होता है, जो चोट पर लगाने पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ के घावों को ठीक करने में मदद कर सकता है। हलà¥à¤¦à¥€ में संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• विरोधी घटक à¤à¥€ होते हैं। हालांकि घाव होने पर हलà¥à¤¦à¥€ का सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती है। हलà¥à¤¦à¥€ अपने à¤à¤‚टीबायोटिक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ के लिठजानी जाती है और संकà¥à¤°à¤®à¤£ को ठीक करने में मदद कर सकती है। हलà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤¸à¥‡ गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं जो सूजन को कम करने और तà¥à¤µà¤šà¤¾ और रकà¥à¤¤ को शà¥à¤¦à¥à¤§ करने में मदद करते हैं। यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥€ है। घाव को ठीक करने के लिठहलà¥à¤¦à¥€ से बेहतर कोई पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपाय नहीं है।
6. टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल
टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• है जो तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सूजन का à¤à¥€ इलाज कर सकता है। इस तेल का उपयोग चोट लगने पर करने से ना सिरà¥à¤« घाव ठीक करने में बलà¥à¤•ि सूजन कम करने में तेज़ी à¤à¥€ आ सकती है टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है; इसमें जीवाणà¥à¤°à¥‹à¤§à¥€ गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं और ये चोट में दरà¥à¤¦ से राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने में मदद करता है। टी टà¥à¤°à¥€ ऑयल की à¤à¤• बूंद खà¥à¤²à¥‡ घाव पर लगाने से घाव जलà¥à¤¦à¥€ ठीक हो जाता है।
7. पेपरमिंट ऑयल
पेपरमिंट का तेल चोट से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जगह पर लगाने से आपको दरà¥à¤¦ से राहत मिल सकती है। हां ये ज़रूर याद रखें कि कि इसे खà¥à¤²à¥‡ घाव पर नहीं लगाना है। अगर तà¥à¤µà¤šà¤¾ में कट है घाव के चारों ओर इस तेल को लगाà¤à¤‚ लेकिन सीधे घाव पर नहीं।
8. लहसà¥à¤¨
लहसà¥à¤¨ खाने से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होने वाले संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने में मदद मिलती है जो हवा या à¤à¥‹à¤œà¤¨ के माधà¥à¤¯à¤® से फैल सकता है। लहसà¥à¤¨ का पेसà¥à¤Ÿ बनाकर खà¥à¤²à¥‡ घावों पर लगाने से बाहरी संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज हो सकता है। लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ होते हैं, जो रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ को रोकने, दरà¥à¤¦ को कम करने और आपके घावों को तेजी से ठीक करने में मदद कर सकते हैं।
9. दालचीनी
दालचीनी के मजबूत à¤à¤‚टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ घावों को ठीक करने में à¤à¥€ मदद कर सकते हैं। दालचीनी में संकà¥à¤°à¤®à¤£ से लड़ने और सूजन को कम करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है। दालचीनी में à¤à¤• घटक होता है जो दरà¥à¤¦ से राहत दिलाने में मदद करता है। इसके अतिरिकà¥à¤¤, दालचीनी को जलन को ठीक करने और तà¥à¤µà¤šà¤¾ को ठंडा करके उसे ठीक करने में मदद करने के लिठà¤à¥€ जाना जाता है। यह खà¥à¤²à¥‡ घावों को अविशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ गति से ठीक करता है और सामानà¥à¤¯ रूप से उपचार के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ है।
10. नारियल का तेल
नारियल के तेल के à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ संकà¥à¤°à¤®à¤£ को दूर रखने में मदद कर सकते हैं। घावों पर नारियल का तेल लगाने से घाव पूरी तरह ठीक हो जाते हैं और जलन à¤à¥€ ठीक हो जाती है। नारियल का तेल लगà¤à¤— किसी à¤à¥€ तरह के घाव को à¤à¤° देता है और तà¥à¤µà¤šà¤¾ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ à¤à¥€ करता है। नारियल के तेल में तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नमी देने वाले गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं। आपको बस घाव पर नारियल के तेल की कà¥à¤› बूंदों को लगाना है और इसे à¤à¤• साफ कपड़े से ढक देना है। जलà¥à¤¦à¥€ राहत पाने के लिठआप इस उपाय को दिन में दो या तीन बार आजमा सकते हैं।साथ ही इसमें थोड़ा सा कपूर मिला देने से इसकी चोट सà¥à¤–ाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ जाती है। नारियल का तेल दरà¥à¤¦ को कम करने में मदद करता है और संकà¥à¤°à¤®à¤£ को दूर रखता है। इन गà¥à¤£à¥‹à¤‚ की वजह से यह हर घर में पाया जाता है। कà¤à¥€ अकेले तो कà¤à¥€ कपूर के साथ। वासà¥à¤¤à¤µ में, नारियल का तेल à¤à¥€ दाग-धबà¥à¤¬à¥‹à¤‚ को रोकने में मदद करता है। आपको बस इतना करना है कि इस तेल को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर लगाà¤à¤‚ और इसे à¤à¤• साफ कपड़े से ढक दें।
11. पà¥à¤¯à¤¾à¤œ
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में à¤à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¨ होता है, जो à¤à¤• टी बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² ततà¥à¤µ है।ये घाव को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होने से रोकता है। पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं जो सूजन को कम करने और घावों को à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद करते हैं। आप पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का पेसà¥à¤Ÿ बनाकर खà¥à¤²à¥‡ घाव पर लगा सकते हैं। यह घाव को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करने से पहले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को मारने में मदद करेगा। लहसà¥à¤¨ और पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को à¤à¤• पेसà¥à¤Ÿ में मिलाकर घाव को जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤°à¤¨à¥‡ में मदद मिल सकती है।
12. चूना
चूने को कई बार लाइम सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ पाउडर के नाम से जाना और समà¤à¤¾ जाता है। चूना का आमतौर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² पानम में होता है। आम तौर पर चूना लगाना किसी को नà¥à¤•सान पहà¥à¤šà¤¾à¤‚ना कहा जाता और चूने से मà¥à¤‚ह कटने की बात सामने आती है पर बहà¥à¤¤ से लोग इस बात को à¤à¥€ जानते होंगे कि चून में बहà¥à¤¤ हीलिंग पावर à¤à¥€ होती है। आपको कहीं घा तो तो आप चूना और हलà¥à¤¦à¥€ को मिला लें और उसे घाव पर लगा दें। इससे घाव तेजी से à¤à¤±à¤¤à¤¾ है।
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